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ताजा अपडेट ↯

जोहार और शुभकामनाएं !!

भूमिका : कुड़ुख़ लिपि को तोलोंग सिकि के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह लिपि कुड़ुख़ बोलने वालों की तोलोंग (परम्परागत वस्त्र) पहनने की कला तथा उनके…

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 1994 से  आदिवासी अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी आदि को समझने, सहयोग करने और संवर्धन करने हेतु दुनिया भर में विभिन्न देश…

‘‘सरना समाज और उसका अस्तित्व’’ नामक इस छोटी पुस्तिका में आदिवासी उराँव समाज की जीवन यात्रा का वृतांत है, जो भारत देश की आजादी के दो दशक बाद, उराँव…

दिनांक 06.11.2021 दिन शनिवार को धुमकुड़िया सोहरई जतरा‚ थाना सिसई जिला गुमला के सैन्दा के ‘पड़हा पिण्डा’ स्थल पर सम्पन्न हुआ। यह आयोजन परम्परागत ‘…

वातावरण हर समय बदल रहा हैं। वैश्विक मौसम पैटर्न को देखकर मौसम विज्ञानी ध्रुवीय परिक्रमा करने वाले उपग्रह की मदद से भविष्य की सात दिनों का 80…

खबरें छोटी-छोटी ➽

आदिवासी दुनिया ➽

विश्‍व आदिवासी दिवस 2022

जोहार और शुभकामनाएं !!

मंजु उरांव के खिलाफ समाज का तु…

आदिवासी महिला मंजू उरांव (गुमला जिला) को  ट्रैक्टर से खेती करने के एवज में गांव वालों ने अंधविश्वास के आधार पर उनको ट्रैक्टर चल…

टाटा स्टील फाउण्डेशन के तकनीकी…

दिनांक 22.07.2022 दिन बुधवार को ऐतिहासिक पड़हा जतरा खुटा शक्तिस्थल, मुड़मा (राँची) झारखण्ड के परिसर में समाजसेवी माननीय श्री बंधन…

देश को मिला पहला महिला आदिवासी…

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर भारत…

आदिवासी परंपरानुगत अनुमान: औसत…

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम प…

'बेटी को पिता की जमीन में…

आदिवासियों बेटियों की पिता की जमीन में हिस्‍सेदारी के पक्ष में हाईकोर्ट के फैसले आदिवासी समाज का एक तबका खुद को आहत बता रहा है।…

वीडियो ➽

दस्‍तावेज ➽

दिनांक 01 मई 2022, दिन रविवार को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर, जोन न०-6, जमशेदपुर में ‘‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पारिभाषिक शब्दावली‘‘ विषय पर एक…

आलेख ➽

देश की आजादी के बाद भारत में नया संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और कई पुराने छोटे-बड़े रियासत एक झण्डे के नीचे आ गये। इस नव निर्माण में लोगों के…