सय बिमल टोप्पो की कुँड़ुख़ कविता तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में
हाथी हाथी ! हाथी ! हाथी ! इदा हाथी, अदा हाथी इसन हाथी असन हाथी सगरे दुनिया नू हाथी मुंधवारे हाथी, ख़ोख़ा हाथी पईरी न पुतबारी हाथी टोड़ंग नू हाथी, पद्दा नू हूं हाथी लुका ओदआ, फटका चो'ड़ताअ़आ ब'आ - हटो बबा, बुढ़ा बबा पीछे हटो गनेस बबा. (गणेश)