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दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता…

भारतीय संविधान के चौथे भाग उल्लिखित नीति निदेशक तत्वों में कहा गया है कि प्राथमिक स्तर पर सभी बच्चों को अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षण की व्यवस्था…

देश की आजादी के बाद भारत में नया संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और कई पुराने छोटे-बड़े रियासत एक झण्डे के नीचे आ गये। इस नव निर्माण में लोगों के…

दिनांक 01 मई 2022, दिन रविवार को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर, जोन न०-6, जमशेदपुर में ‘‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पारिभाषिक शब्दावली‘‘ विषय पर एक…

दिनांक 06.11.2021 दिन शनिवार को धुमकुड़िया सोहरई जतरा‚ थाना सिसई जिला गुमला के सैन्दा के ‘पड़हा पिण्डा’ स्थल पर सम्पन्न हुआ। यह आयोजन परम्परागत ‘…

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम: सैन्दा, थाना: सिसई, जिला: गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता…

खबरें छोटी-छोटी ➽

आदिवासी दुनिया ➽

आदिवासी परंपरानुगत अनुमान: औसत…

दिनांक 21.06.2022 दिन मंगलवार को उरागन डिप्पा, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्ड) में पारम्परिक ग्रामीण मौसम प…

'बेटी को पिता की जमीन में…

आदिवासियों बेटियों की पिता की जमीन में हिस्‍सेदारी के पक्ष में हाईकोर्ट के फैसले आदिवासी समाज का एक तबका खुद को आहत बता रहा है।…

कुंड़ुख टाइम्‍स डॉट कॉम का 2रा…

कुंड़ुख टाइम्‍स डॉट काम के प्रिंट एडिशन का दूसरा अंक प्रस्‍तुत है। इस अंक में हमने कई महत्‍वपूर्ण विषयों को समेटा है। कुंड़ुख भ…

कुंड़ुखटाइम्‍स.कॉम का प्रथम प्…

आपको तो पता है कि कुंड़ुखटाइम्‍स.कॉम लम्‍बे समय से आपको कुंड़ुख जगत की खबरें, सूचनाएं और शोध आदि संबंधित सामग्री ऑनलाइन उपलब्‍ध…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व म…

दिनांक 12 मार्च से 14 मार्च 2020 तक ऐतिहासिक पड़हा जतरा खुटा शक्तिस्थल, मुड़मा, राँची में अवस्थित सांस्कृतिक भवन में तीन दिवसीय क…

हमारी बोली हमारी पहचान : मातृभ…

2010 में आई यूनेस्को की ‘इंटरेक्टिव एटलस’ की रिपोर्ट बताती है कि अपनी भाषाओं को भूलने में भारत अव्वल नंबर पर है। भाषा विशेषज्ञो…

वीडियो ➽

दस्‍तावेज ➽

1 कुँड़ुख भाषा - कुँड़ुख भाषा एक उतरी द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है। लिंगविस्टक सर्वे ऑफ इंडिया 2011 के रिपोर्ट के अनुसार भारत देश में कुँड़ुख़ भाषा…

आलेख ➽

सार: किसी भी भाषा के लुप्त होने या उसके संकटग्रस्त श्रेणी में आ जाने के परिणाम बहुत दूरगामी होते हैं। भाषा का एक-एक शब्द महत्त्वपूर्ण होता है।…