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बेंगलुरू से छ़ुुड़ा ली गई झारखंड की बंधक बेटियां

मुसाबनी की हुनरमंद अंजली पान अब खुश है। उसकी घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। कुछ घंटों में वह अपने परिवार से मिल सकेगी। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने उसे बेंगलुरू से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अंजली पान जैसी ही पोटका प्रखंड की अन्य छह युवतियां अपने घर लौट रही हैं। ये हुनरमंद बेटियां बताती हैं कि उन पर काफी जुल्म ढाये गये। उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। न ढंग से रहने की सुविधा दी गयी, न खाने की व्यवस्था।

जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर संपन्‍न

दिनांक 27.09.2021 से तीन दिवसीय कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण शिविर, ट्रार्इबल कल्चशर सेन्टर, सोनारी, जमशेदपुर में सम्पंन्न हुआ। यह आयोजन, टाटा स्टील फाउन्डेशन, जमशेदपुर तथा सहयोगी संस्थान अददी कुंड़ुख़ चाला धुमकु‍ड़ि‍या पड़हा अखड़ा, रांची एवं उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर, प.

जंतर मंतर में अलग आदिवासी धर्मकोड के लिए धरना प्रदर्शन संपन्‍न

दिल्ली, जंतर मंतर: 2021 की जनगणना में आदिवासियों के द्वारा अलग धर्म के कॉलम की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति भारत के तत्वधान में भारत वर्ष के तमाम राज्यों व परदेशों से समस्त आदिवासियों ने शिरकत किया और केंद्र सरकार से मांग की गई की 2021 के जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों को सेपरेट कॉलम ट्राईबल और आठवीं अनुसूची में मुंडारी गोंडी हो और कुरुख भाषा को शामिल करने की मांग की गई जिसे लेकर माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रजिस्टर ऑफ जनरल को ज्ञापन सौंपी गई ।

5वीं अनुसूची क्रियान्‍वयन को लेकर रांची हाईकोर्ट के सामने पत्‍थलगड़ी करने जुटे आदिवासी

रांची (झारखंड): पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान सम्‍मत क्रियांवयन करने की मांग को लेकर रांची, खूंटी व गुमला से आये करीब साढ़े तीन हजार आदिवासियों ने यहां डोरंडा स्थित हाईकोर्ट के सामने पत्‍थलगड़ी करने पर अड़ गये। उनकी घंटों प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के बहस चली। आंदोलनकारी आदिवासी मांग कर रहे थे कि संविधान के अनुरूप झारखंड के पांचवी अनुसूची क्षेत्र में शासन प्रशासन स्‍थानीय आदिवासियों के हाथ में देना होगा। आंदोलनकारी अपने साथ शिलापट भी लाये थे जिसमें संविधान में पांचवीं अनुसूची की चर्चा का उल्‍लेख था। पुलिस और प्रशासन के घंटों समझाने के बाद आंदोलनकारियों ने कहा कि मंगलवार (23 फरबरी

लॉकडाउन समाप्ति के बाद अब 11 राज्यों में भूख की समस्या, आदिवासी-कमजोर वर्ग शिकंजे में : हंगर वॉच सर्वे

नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के चलते लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के खत्म होने के पांच महीने बाद भी गरीबों और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों के बीच भुखमरी की समस्या गंभीर बनी हुई है। भोजन का अधिकार अभियान द्वारा कुछ गैर-सरकारी संगठनों के साथ प्रकाशित ‘हंगर वॉच’ रिपोर्ट के मुताबिक देश के कम से कम 11 राज्यों के लोगों को इस संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ये सर्वे सितंबर और अक्टूबर, 2020 के बीच कराया गया था और इसमें 3,994 लोग शामिल हुए थे। इसमें से ज्यादातर लोगों की सैलरी 7,000 रुपये प्रति महीने से कम थी।

क्‍या हेमन्‍त सरकार आदिवासी भाषाओं की विरोधी है? admin Sun, 01/23/2022 - 22:33

क्‍या झारखंड की हेमन्‍त सरकार आदिवासियों की भाषाओं के प्रति बिल्‍कुल लापरवाह है? यह धारणा एक स्‍थानीय अबखबार में छपी खबर से उभर रही है। दिनांक 23.01.2022 दिन रविवार को स्थानीय अखबार में छपी खबर के हवाले से कहा गया है कि झारखण्ड सरकार उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 2079 शिक्षकों की बहाली करने जा रही है। 
इन विद्यालयों में भाषा विषय के कुल 567 पद हैं। इनमें से प्रत्येक विद्याालय में भाषा विषय के 3 शिक्षक होंगे। पूर्व में प्रत्येक उच्च विद्यालय में भाषा विषय के 4 शिक्षक होते थे जिसमें 

एएफसी महिला फुटबॉल के लिए चुनी गई गुमला की सुमति, मुख्‍यमंत्री ने दी बधाई

इसी महीने शुरू हो रहे एएफसी महिला एशिया कप के लिए गुमला (झारखंड) के सुदूर इलाके भरनो प्रखंड के लोंडरा गांव की निवासी सुमति कुमारी का चयन हो गया है।  पिछले महीने कोच्चि में कैंप में शामिल 27 खिलाड़ियों में से 23 सदस्यों को टीम में चुना गया है। एएफसी महिला एशिया कप 20 जनवरी से छह फरवरी तक महाराष्ट्र के तीन स्थानों पर होगा। फॉरवर्ड पोजिशन से खेलनेवाली सुमति पिछले महीने ढाका में आयोजित अंडर-19 सैफ चैंपियनशिप में उपविजेता भारतीय टीम में शामिल थीं। इसके अलावा सुमति पिछले साल मार्च-अप्रैल में उज्बेकिस्तान में हुए फ्रेंडली फुटबॉल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

संताली आदिवासियों का पर्व सोहराय व वंदना : तैयारी शुरू

संताल परगना इलाके में सोहराय और वंदना की तैयारी को लेकर आदिवासी समुदाय जुट गये हैं। देवघर जिला अंतर्गत मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आदिवासी गांवों में इसकी तैयारी जोरों पर है। सोहराय और वंदना को लेकर महिलाएं अपने-अपने घरों को आकर्षक रंग-रोगन के साथ साफ-सफाई में जुट गये हैं।

यह पर्व हर साल आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा जाहेरथान में पूजा-अर्चना कर किया जाता है। दूसरे दिन बरद खूटा पूजा किया जाता है। तीसरे दिन खूटे गये बैल को ढोल-नगाड़े के साथ पूजा-अर्चना के बाद खोला जाता है। इसके बाद पारंपरिक नृत्य आदिवासी परिधान और मांदर की थाप पर नृत्य किया जाता है।

कुंड़ुख़ भाषा व तोलोंग लिपि के विकास हेतु राजी पडहा प्रार्थना सभा एवं अद्दी पड़हा अखड़ा‚ दो संगठन एकमत हुए

दिनांक 26.12.2021 दिन रविवार को राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा, मुडमा, रांची की केन्द्रीय कमिटि की बैठक हुई। इस बैठक में झारखण्डा सहित प0 बंगाल ओडिसा‚ छत्ती सगढ़ आदि राज्योंब के प्र‍‍तिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक की अध्याक्षता राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा ट्रस्टक, मुड़मा के माननीय अध्याक्ष एवं धर्मगुरू श्री बन्ध न तिग्गा  जी के दवारा सम्प न्नट हुआ। अपने समाज में धार्मिक शिक्षा तथा आत्मन बोध की शिक्षा सभी व्येक्ति को आवश्य्क है जिसके लिए विभिन्नत क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों को राज्यि स्तपरीय तथा पड़हा स्तमरीय कार्यों की जिम्मेादारियां सौंपी गईं। बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि – संगठन को

कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा‚ जमशेदपुर का निरीक्षण

दिनांक 18.12.2021 दिन शनिवार को दिन के 2.00 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति‚ पुराना सीतारामडेरा जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर की ओर से चलाये जा रहे कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र का निरिक्षण किया गया। निरिक्षण कार्य कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के संस्था2पक डॉ.