श्रद्धेय डा॰ निर्मल मिंज की श्रद्धांजलि स्वरूप उनकी सात कविताएं (तोलोंग सिकि एवं देवनागरी में)
श्रद्धेय डॅा॰ निर्मल मिंज की इन कविताओं में से 1ली कविता “उज्जकना पूंप लेखआ” में अपने व्य॰क्तिगत एवं पारिवारिक जीवन पर आधारित विचार है। 2री कविता “कुकई झील (फिनलैंड)” में विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्र फिनलैंड की धरती में भी कुँड़ुख़ में सोचते हुए कविता रचना किये हैं। 3री कविता में “तेताली मन्न तेंग्गाोली” में पुराना राँची शहर का नगड़ा टोली‚ राँची का वर्णन है। 4थी कविता “दई घोख” में बड़ी
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